जन्नत लिरिक्स | Jannat Lyrics

Jannat Lyrics In Hindi

रचनाकार - श्री सुभाष चौरसिया "हेमबाबू"

किताबों में पढ़ा,
किस्से कहानियों में सुना,
न जाने किसकी,
कल्पनाओं ने गढ़ा,
कहीं पर जन्नत है ||

दूध की नदियां,
बहती हैं,
पेड़ों पर परियां,
रहती हैं,
देवताओं का देश है,
सुख ही सुख है वहाँ पर,
वहाँ न दुख है,
न कोई क्लेश है ||

सभी ने सुना है,
न देखा किसी ने,
वो जन्नत जहाँ का,
अद्भुत नजारा,
सिर्फ और सिर्फ,
कल्पनाओं के नजरिये में,
जन्नत है सुदूर दूर,
अम्भ,
क्या कभी देखा है ||

तुमने उस जन्नत को,
शायद नहीं,
ये दुनिया है कुछ भी,
कहती रहती है,
देखना चाहते जन्नत,
तो झांक कर देख लेना,
उस कमरे में,
जहाँ मां रहती है,
जहाँ मां रहती है ||

जिसके कोने में छुप कर,
सिसकती है रोती है,
अरे नादानो,
उसके चरणों में ही तो,
स्वर्ग होता जन्नत होती है ||

मुंह छुपा कर देख लेना,
उसके आंचल मे,
स्वर्ग होता जन्नत होती है ||

मुंह छुपा कर देख लेना,
उसके आंचल मे,
जन्नत का सुख,
न पा जाओ तो,
कहना लेकिन-लेकिन,
जो चाहते हो,
जन्नत का सुख तो,
मां से कभी,
दूर न रहना,
मां से कभी,
दूर न रहना ||


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