आई शंकर की बरतिया हिमाचल नगरी लिरिक्स | Chali Shankar Ki Barat Himachal Nagari Lyrics
Chali Shankar Ki Barat Himachal Nagari Lyrics In Hindi
आई शंकर की बरतिया,हिमाचल नगरी,
आई शंकर की बरतिया,
हिमाचल नगरी ||
बूढ़े बैल पे शिव जी आए,
साज गए सभी बाराती,
कोई आया चूहे पर चढ़ के,
कोई आए हाथी,
मारे तिरछी नजरिया,
हिमाचल नगरी,
आई शंकर की बरतिया ||
बूढ़े बैल पे शिव जी आए,
साज गए सभी बाराती,
कोई आया चूहे पर चढ़ के,
कोई आए हाथी,
मारे तिरछी नजरिया,
हिमाचल नगरी,
आई शंकर की बरतिया ||
मैनावती ने थाल सजाई,
दूल्हा देखन आई,
शिव शंकर का रूप देख के,
मन ही मन पछताई,
कैसे बीतेगी उमरिया,
हिमाचल नगरी,
आई शंकर की बरतिया ||
मैनावती ने थाल सजाई,
दूल्हा देखन आई,
शिव शंकर का रूप देख के,
मन ही मन पछताई,
कैसे बीतेगी उमरिया,
हिमाचल नगरी,
आई शंकर की बरतिया ||
सब सखियन ने मंगल गाए,
मांगे अपने नेग,
शिव शंकर ने बड़े प्रेम से,
नाग दीये सब फेक,
दर के भागी सारी सखियाँ,
हिमाचल नगरी,
आई शंकर की बरतिया ||
सब सखियन ने मंगल गाए,
मांगे अपने नेग,
शिव शंकर ने बड़े प्रेम से,
नाग दीये सब फेक,
दर के भागी सारी सखियाँ,
हिमाचल नगरी,
आई शंकर की बरतिया ||