बेटियाँ लिरिक्स | Betiyaan Lyrics
Betiyaan Lyrics In Hindi
रचनाकार- श्री सुभाष चौरिसिया "हेम बाबू" महोबाबेटी को एक अदद कमरा,
न दे पाया कोई माई बाप,
जिसमे सुकून से रह सके,
दो दिन गुजारा कर सके ||
उस घर में,
जिसकी ईट-ईट में,
लिखा है उसका नाम,
कब्जा हो जाता है,
भाभियों का उसके घर में,
उस कमरे में ||
जिसकी दीवारे गवाह हैं,
कि कभी खेल करती थी,
खिलौनों की तरह,
बेटियों के संग-संग,
दीवारे आज भी सँजोये बैठी हैं,
उन नन्हे-नन्हे हथेकइयों के निशान ||
रंग बिरंगे न हाथों से,
जो दिल से सजाया करती थी,
टेढ़ी-मेढ़ी लकीरों से,
जिसको मिटाने में,
माँ मशक्कत किया करती थी ||
नाहक ही कहते हैं लोग,
बेटियाँ पराई होती है,
बेटियाँ पराई नहीं होती,
पराई कर दी जाती हैं,
दिल और दिमाक से ||
उतार कर फेक दी जाती है,
भाग्य पर जीने के लिए,
जमाने का जहर पीने के लिए ||
