प्यारे वतन को लंका नेपाल न बना देना लिरिक्स | Pyare Vatan Ko Lanka Nepal Na Bana Dena Lyrics
Pyare Vatan Ko Lanka Nepal Na Bana Dena Lyrics In Hindi
रचनाकार- श्री सुभाष चंद्र चौरिसिया "हेम बाबू"प्यारे वतन को लंका नेपाल,
न बना देना दोस्तों,
नफरत की आग में,
अमन को न,
जला देना दोस्तों ||
चौरस ने फेके हैं,
जो पासे मतभेद के,
बेटियों को द्रोपदी,
न बना देना दोस्तों ||
ए चक्रब्यूह है अभेद,
आइसे भेदन है दोस्तों,
मन के विवेक को,
कुछ कुरेदना है दोस्तों ||
वतन है तो हम हैं,
वतन रक्षित रहना चाहिए,
जात पात पंथ के कांटे,
न बो देना दोस्तों ||
फिरंगी ने फिर चाल चली,
मठा दलों दूध में,
बाँट दो हर एक को,
सवर्ण पिछड़े और सूद्र मेँ ||
हम सब हैं भारत माँ की संतान,
विचार कर देख लो,
बांह को बांह से,
न अलग कर देना दोस्तों ||
वक्त है बहुत नाजुक,
संभल-संभल कर चलना है,
किस तरह बहेलिये के फंदे से,
बाहर निकालना है ||
कुछ थोड़ा सब्र करो,
वहम निकालो दिमाग से,
अपने ही हाथों अपने पैरों में,
कुल्हाड़ी न मार देना दोस्तों ||
