ए जिंदगी न इतना तू घमंड कर लिरिक्स | Ai Zindgi Na Itna Tu Ghamand Kar Lyrics
Ai Zindgi Na Itna Tu Ghamand Kar Lyrics In Hindi
लेखक - श्री सुभाष चौरिसिया "हेम बाबू" महोबाए ज़िंदगी न इतना तू घमंड कर,
आने दे वक्त एक दिन,
खाक हो जाएगी,
रह जाएगी मुट्ठी भर राख,
संगम में बहाने क लिए ||
धूल सी फिसल कर,
धूल में मिल जाएगी,
माना कि अभी तेरा सूरज,
चमक रहा है आसमान में,
शाम तो ढलने दे,
तिरगी तुझे समूचा निगल जाएगी ||
बचेगा शेष,
तेरी ज़िंदगी में अंधकार,
तेरी धन दौलत संपदा,
न एक काम आएगी ||
माना कि तुझे है अहं,
बाहुबल और जन बल का,
रावण और रावण की लंका की,
कहानी हो जाएगी ||
