सारे तीरथ बार बार गंगासागर एक बार लिरिक्स | Sare Tirath Baar Baar Ganga Sagar Ek Baar Lyrics
Sare Tirath Baar Baar Ganga Sagar Ek Baar Lyrics In Hindi
पतित पावनि गंगा,ओ पाप नाशीनी गंगा,
मुक्ति दायनी गंगा,
पतित पावनि गंगा,
ओ पाप नाशीनी गंगा,
मुक्ति दायनी गंगा,
सारे तीरथ बार बार,
गंगा सागर एक बार ||
सारे तीरथ बार बार,
गंगा सागर एक बार,
जहा मिली सागर से गंगा,
कर सौ रास्ते पार,
वेदो में सर्वोत्तम,
माने ये संसार,
सारे तीरथ बार बार,
गंगा सागर एक बार ||
राजा सागर ने आश्वामेघ,
का यगया करना चाहा,
सारे भू मंडल पे,
अपना राज चलना चाहा,
सिंहासन इंद्रा का डोला,
चोरी से घोड़े को खोला,
ला बँधा कपिल मुनि के द्वार ||
वेदो में सर्वोत्तम,
माने ये संसार,
सारे तीरथ बार बार,
गंगा सागर एक बार,
पतित पावणी गंगा,
ओ पाप नाशीनी गंगा ||
इश्स प्रथवी का कोना कोना,
ढूढ़ ढूढ़ कर हारे जी,
आख़िर वो पटल में पहुचे,
पुत्रा सागर के प्यारे जी,
बैठे मुनि ध्यान लगाए,
साधु पेर पत्थर बरसाए,
कपिल मुनि के क्रोध में जल गये ||
लड़के साथ हज़ार,
वेदो में सर्वोत्तम,
माने ये संसार,
सारे तीरथ बार बार,
गंगा सागर एक बार,
पतित पावणी गंगा,
मुक्ति डयानी गंगा,
अंशुमन ने कपिल मुनि की,
सेवा का फल पाया ||
श्राप दिया था जिसने,
मुक्ति का पाठ बताया,
गंगा को शीश झुकोउ,
गंगा को धरती पे लाओ,
गंगा का जल ही,
इन सबकी मुक्ति का आधार,
वेदो में सर्वोत्तम,
माने ये संसार,
सारे तीरथ बार बार,
गंगा सागर एक बार ||
पतित पावणी गंगा,
ओ पाप नाशीनी गंगा,
अंशुमान का अर्ध डीप का,
ताप कुच्छ काम ना आया,
भागीरथ हुआ ताप कर सोना,
वही ब्रह्मा के मान भाया रे,
भागीरथ ने शंकर को साधा,
शिव जी ने गंगा को बँधा ||
आयेज आयेज भागीरथ,
पीच्चे गंगा की धार,
वेदो में सर्वोत्तम,
माने ये संसार,
पतित पावणी गंगा,
मुक्ति डयानी गंगा ||
इश्स गंगा सागर के तट से,
कोई गया ना प्यासा रे,
हो हम यही चाहे,
जीते मरते हो इश्स जल में वसा,
गंगा तो पापो को धोती,
रे फिर भी मैली ना होती ||
जिस गंगा सागर के जल,
ने लखो को दिया तार,
वेदो में सर्वोत्तम,
माने ये संसार,
सारे तीरथ बार बार,
गंगा सागर एक बार ||
पतित पावणी गंगा,
ओ पाप नाशीनी गंगा,
एक बरस बस एक दिन वाहा,
भारी मेला लगे जी,
गंगा सागर तट वही पहुचे,
जिसकी किस्मत जागे जी,
दुखो से पीड़ित नर नारी,
होते है हर सुख के अधिकारी,
हो जानम जानम के पाप कटे,
इश्स जल में डुबकी मार ||
वेदो में सर्वोत्तम,
माने ये संसार,
सारे तीरथ बार बार,
गंगा सागर एक बार ||
पतित पावनि गंगा,
ओ पाप नाशीनी गंगा,
मुक्ति दायनी गंगा,
सारे तीरथ बार बार,
गंगा सागर एक बार ||