खाता हूँ मै तेरा दिया क्या तुझको खिलाऊँ मै लिरिक्स | Khata Hun Main Tera Diya Kya Tujhko Khilaun Mai Lyrics
Khata Hun Main Tera Diya Kya Tujhko Khilaun Mai Lyrics In Hindi
खाता हूँ मै तेरा दिया,क्या तुझको खिलाऊँ मै,
मेरा तो कुछ भी नहीं,
क्या भोग लगाऊँ मै ||
खाता हूँ मै तेरा दिया,
क्या तुझको खिलाऊँ मै,
मेरा तो कुछ भी नहीं,
क्या भोग लगाऊँ मै ||
तुझसे ही तो रोशन है,
दुनियां के अंधेरे श्याम,
तुझे केषर चंदन का,
क्या लेप लगाऊँ मैं,
खाता हूँ मै तेरा दिया,
क्या तुझको खिलाऊँ मै,
मेरा तो कुछ भी नहीं,
क्या भोग लगाऊँ मै ||
तुझसे ही तो रोशन है,
दुनियां के अंधेरे श्याम,
तुझे केषर चंदन का,
क्या लेप लगाऊँ मैं,
खाता हूँ मै तेरा दिया,
क्या तुझको खिलाऊँ मै,
मेरा तो कुछ भी नहीं,
क्या भोग लगाऊँ मै ||
कण-कण में वास तेरा,
घट-घट का स्वामी तू,
ये फूल भी तेरे है,
क्या भेट चढ़ाऊँ मैं,
खाता हूँ मै तेरा दिया,
क्या तुझको खिलाऊँ मै,
मेरा तो कुछ भी नहीं,
क्या भोग लगाऊँ मै ||
कण-कण में वास तेरा,
घट-घट का स्वामी तू,
ये फूल भी तेरे है,
क्या भेट चढ़ाऊँ मैं,
खाता हूँ मै तेरा दिया,
क्या तुझको खिलाऊँ मै,
मेरा तो कुछ भी नहीं,
क्या भोग लगाऊँ मै ||
मै तो चला गड़ने को,
तेरी ही मूरत श्याम,
उसे कैसे बनाऊँ मै,
खाता हूँ मै तेरा दिया,
क्या तुझको खिलाऊँ मै,
मेरा तो कुछ भी नहीं,
क्या भोग लगाऊँ मै ||
मै तो चला गड़ने को,
तेरी ही मूरत श्याम,
उसे कैसे बनाऊँ मै,
खाता हूँ मै तेरा दिया,
क्या तुझको खिलाऊँ मै,
मेरा तो कुछ भी नहीं,
क्या भोग लगाऊँ मै ||
तूने ही सजाया है,
हर तन को बड़े प्रेम से,
मै तो हूँ तेरा ही घड़ा,
क्या तुझको सजाऊँ मैं,
खाता हूँ मै तेरा दिया,
क्या तुझको खिलाऊँ मै,
मेरा तो कुछ भी नहीं,
क्या भोग लगाऊँ मै ||
तूने ही सजाया है,
हर तन को बड़े प्रेम से,
मै तो हूँ तेरा ही घड़ा,
क्या तुझको सजाऊँ मैं,
खाता हूँ मै तेरा दिया,
क्या तुझको खिलाऊँ मै,
मेरा तो कुछ भी नहीं,
क्या भोग लगाऊँ मै ||