मेरी अम्बे माँ से पूछना लिरिक्स | Meri Ambe Maa Se Puchna Lyrics
Meri Ambe Maa Se Puchna Lyrics In Hindi
मेरी अंबे मां से पूछना,जगदंबे मां से पूछना,
तेरा भवन है कितनी दूर,
छाले पड़ गए पांव में ||
मैया कोयल कू कू बोल रही,
और पपीहा मचाए रहे शोर,
छाले पड़ गए पांव में,
मेरी अंबे मां से पूछना,
जगदंबे मां से पूछना,
तेरा भवन है कितनी दूर,
छाले पड़ गए पांव में ||
मैया रिमझिम बरसा हो रही,
और छाई घटा घनघोर,
छाले पड़ गए पांव में,
मेरी अंबे मां से पूछना,
जगदंबे मां से पूछना,
तेरा भवन है कितनी दूर,
छाले पड़ गए पांव में ||
मैया छतर नारियल भेंट चढ़ाऊं,
तेरी ज्योत जलाऊं सुबह शाम,
छाले पड़ गए पांव में,
मेरी अंबे मां से पूछना,
जगदंबे मां से पूछना,
तेरा भवन है कितनी दूर,
छाले पड़ गए पांव में ||
मैया हलवा छोले का भोग लगाऊ,
तेरा भंडारा कराऊं हर साल,
छाले पड़ गए पांव में,
मेरी अंबे मां से पूछना,
जगदंबे मां से पूछना,
तेरा भवन है कितनी दूर,
छाले पड़ गए पांव में ||
मैया दिल में लगन तेरे नाम की,
मोहे दर्श करा दे एक बार,
छाले पड़ गए पांव में,
मेरी अंबे मां से पूछना,
जगदंबे मां से पूछना,
तेरा भवन है कितनी दूर,
छाले पड़ गए पांव में ||
मेरी अंबे मां से पूछना,
जगदंबे मां से पूछना,
तेरा भवन है कितनी दूर,
छाले पड़ गए पांव में ||
